<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	
	>
<channel>
	<title>
	Comments for Ground Talk	</title>
	<atom:link href="https://www.groundtalk.in/comments/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.groundtalk.in/</link>
	<description>हम खबर नहीं, कहानियां सुनाते हैं।</description>
	<lastBuildDate>Tue, 31 Mar 2026 05:55:40 +0000</lastBuildDate>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>
	<item>
		<title>
		Comment on वट सावित्री व्रत: अटूट प्रेम और यमराज को चुनौती देने वाली सती सावित्री की महागाथा by जानिए बिहार की शादियों में क्यों खास है &#039;नारंगी भखरा सिंदूर&#039; - Ground Talk		</title>
		<link>https://www.groundtalk.in/dharohar-samvad/vat-savitri-vrat/#comment-18</link>

		<dc:creator><![CDATA[जानिए बिहार की शादियों में क्यों खास है &#039;नारंगी भखरा सिंदूर&#039; - Ground Talk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 05:55:40 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">https://www.groundtalk.in/?p=530#comment-18</guid>

					<description><![CDATA[[&#8230;] किसी भी बड़े तीज-त्योहार पर, चाहे वह &#8216;वट सावित्री&#8217; हो या &#8216;जिउतिया&#8217;, इसी भखरा सिंदूर का [&#8230;]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p>[&#8230;] किसी भी बड़े तीज-त्योहार पर, चाहे वह &#8216;वट सावित्री&#8217; हो या &#8216;जिउतिया&#8217;, इसी भखरा सिंदूर का [&#8230;]</p>
]]></content:encoded>
		
			</item>
		<item>
		<title>
		Comment on लता मंगेशकर की जीवन कहानी: संघर्ष, संगीत और भारत की वो अमर आवाज़ by Satyam Mishra		</title>
		<link>https://www.groundtalk.in/social/ek-awaaz-jo-amar-ho-gayi-lata-mangeshkar-jeevan-gatha/#comment-6</link>

		<dc:creator><![CDATA[Satyam Mishra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 05:05:22 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">https://www.groundtalk.in/?p=221#comment-6</guid>

					<description><![CDATA[In reply to &lt;a href=&quot;https://www.groundtalk.in/social/ek-awaaz-jo-amar-ho-gayi-lata-mangeshkar-jeevan-gatha/#comment-5&quot;&gt;Jhaji Keshav&lt;/a&gt;.

❤️🙌]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p>In reply to <a href="https://www.groundtalk.in/social/ek-awaaz-jo-amar-ho-gayi-lata-mangeshkar-jeevan-gatha/#comment-5">Jhaji Keshav</a>.</p>
<p>❤️🙌</p>
]]></content:encoded>
		
			</item>
		<item>
		<title>
		Comment on लता मंगेशकर की जीवन कहानी: संघर्ष, संगीत और भारत की वो अमर आवाज़ by Jhaji Keshav		</title>
		<link>https://www.groundtalk.in/social/ek-awaaz-jo-amar-ho-gayi-lata-mangeshkar-jeevan-gatha/#comment-5</link>

		<dc:creator><![CDATA[Jhaji Keshav]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 05:02:10 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">https://www.groundtalk.in/?p=221#comment-5</guid>

					<description><![CDATA[यह लेख सच में आत्मा को छू जाता है। 🌹
हर शब्द में लता दीदी का संघर्ष, समर्पण और भारतीय संगीत की आत्मा झलकती है।
उनकी कहानी सिर्फ एक गायिका की नहीं, बल्कि उस भारत की है जिसने कठिनाइयों से उठकर दुनिया को अपनी आवाज़ से मोहित कर दिया।
सच कहा आपने लता दीदी कहीं नहीं गईं, वो हर उस धुन में हैं जो हमारे दिल को छू जाती है। ❤️
“उनकी आवाज़ ही हमारी पहचान है।” 🎶]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p>यह लेख सच में आत्मा को छू जाता है। 🌹<br />
हर शब्द में लता दीदी का संघर्ष, समर्पण और भारतीय संगीत की आत्मा झलकती है।<br />
उनकी कहानी सिर्फ एक गायिका की नहीं, बल्कि उस भारत की है जिसने कठिनाइयों से उठकर दुनिया को अपनी आवाज़ से मोहित कर दिया।<br />
सच कहा आपने लता दीदी कहीं नहीं गईं, वो हर उस धुन में हैं जो हमारे दिल को छू जाती है। ❤️<br />
“उनकी आवाज़ ही हमारी पहचान है।” 🎶</p>
]]></content:encoded>
		
			</item>
		<item>
		<title>
		Comment on AK-47 की गूँज और मसीहा का अंत &#124; समस्तीपुर का काला दिन 2006 by Satyam Mishra		</title>
		<link>https://www.groundtalk.in/ground-talk-special/ak47-gunj-samastipur-kala-din-2006-akhilesh-rai/#comment-4</link>

		<dc:creator><![CDATA[Satyam Mishra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 11:21:47 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">https://www.groundtalk.in/?p=139#comment-4</guid>

					<description><![CDATA[In reply to &lt;a href=&quot;https://www.groundtalk.in/ground-talk-special/ak47-gunj-samastipur-kala-din-2006-akhilesh-rai/#comment-3&quot;&gt;Satyendra Anand Jha&lt;/a&gt;.

आपकी बात और भावनाओं का सम्मान करता हूँ।
अखिलेश राय को लेकर समाज में दो राय रही हैं और यही वजह है कि वे आज भी चर्चा का विषय हैं। मेरा उद्देश्य किसी को महिमामंडित करना या दोषी ठहराना नहीं, बल्कि उस सामाजिक सच्चाई को सामने लाना है जिसे लोग जीते रहे हैं।

इतिहास गवाह है कि कई व्यक्तित्व ऐसे रहे हैं जिन्हें सत्ता और कानून एक नजर से देखता है, जबकि समाज का एक बड़ा तबका उन्हें अपने अनुभवों से परखता है। अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि बहुत से लोगों के लिए वे केवल “कुख्यात” नहीं, बल्कि एक सहारा भी थे।

मेरी कोशिश यही है कि समस्तीपुर की जमीन से जुड़े ऐसे चरित्रों को एकतरफा नहीं, बल्कि समाज की नज़र से समझा जाए।
बहस होनी चाहिए, लेकिन तथ्यों और संवेदनाओं के साथ।]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p>In reply to <a href="https://www.groundtalk.in/ground-talk-special/ak47-gunj-samastipur-kala-din-2006-akhilesh-rai/#comment-3">Satyendra Anand Jha</a>.</p>
<p>आपकी बात और भावनाओं का सम्मान करता हूँ।<br />
अखिलेश राय को लेकर समाज में दो राय रही हैं और यही वजह है कि वे आज भी चर्चा का विषय हैं। मेरा उद्देश्य किसी को महिमामंडित करना या दोषी ठहराना नहीं, बल्कि उस सामाजिक सच्चाई को सामने लाना है जिसे लोग जीते रहे हैं।</p>
<p>इतिहास गवाह है कि कई व्यक्तित्व ऐसे रहे हैं जिन्हें सत्ता और कानून एक नजर से देखता है, जबकि समाज का एक बड़ा तबका उन्हें अपने अनुभवों से परखता है। अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि बहुत से लोगों के लिए वे केवल “कुख्यात” नहीं, बल्कि एक सहारा भी थे।</p>
<p>मेरी कोशिश यही है कि समस्तीपुर की जमीन से जुड़े ऐसे चरित्रों को एकतरफा नहीं, बल्कि समाज की नज़र से समझा जाए।<br />
बहस होनी चाहिए, लेकिन तथ्यों और संवेदनाओं के साथ।</p>
]]></content:encoded>
		
			</item>
		<item>
		<title>
		Comment on AK-47 की गूँज और मसीहा का अंत &#124; समस्तीपुर का काला दिन 2006 by Satyendra Anand Jha		</title>
		<link>https://www.groundtalk.in/ground-talk-special/ak47-gunj-samastipur-kala-din-2006-akhilesh-rai/#comment-3</link>

		<dc:creator><![CDATA[Satyendra Anand Jha]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 06:52:29 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">https://www.groundtalk.in/?p=139#comment-3</guid>

					<description><![CDATA[अखिलेश राय  अच्छा था या बुरा, इस पर आज भी बहस जारी है। लेकिन एक बात सर्वमान्य है कि गरीब और सताए हुए लोग आज भी उनकी मृत्यु का शोक मनाते हैं। कुछ लोग उनकी निंदा करते हैं की वह एक अपराधी था ,कुछ लोगों का कहना था कि वह अच्छे लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करता था और बुरे लोगों के साथ बुरा। 
कुछ ऐसे बुजुर्गों से भी मिला हूँ जो यह बताते हुए रोने लगते हैं कि अखिलेश राय के मौत के बाद उनक सहारा टूट गया। जब अखिलेश राय जीवित थे, तब उन्हें भोजन, बच्चों की शिक्षा या चिकित्सा सहायता की चिंता नहीं थी।

चाहे अच्छा हो या बुरा, यह हमेशा से ही बहस का विषय रहा है और रहेगा, लेकिन अखिलेश राय एक ऐसे व्यक्ति थे जिनका नाम समस्तीपुर के साथ हमेशा जुड़ा रहेगा। 


मेरी निजी राय - अगर अखिलेश राय इतना कुख्यात व्यक्ति था तो फिर लाखों की संख्या में लोग उसके अंतिम संस्कार में क्यों शामिल हुए? 

कर्पुरी ठाकुर की मृत्यु के बाद समस्तीपुर में किसी व्यक्ति के अंतिम संस्कार में इतनी भारी भीड़ कभी नहीं देखी गई। अखिलेश राय का अंतिम संस्कार इस बात का प्रमाण था कि वे एक कुख्यात व्यक्तित्व से कहीं बढ़कर थे।]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p>अखिलेश राय  अच्छा था या बुरा, इस पर आज भी बहस जारी है। लेकिन एक बात सर्वमान्य है कि गरीब और सताए हुए लोग आज भी उनकी मृत्यु का शोक मनाते हैं। कुछ लोग उनकी निंदा करते हैं की वह एक अपराधी था ,कुछ लोगों का कहना था कि वह अच्छे लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करता था और बुरे लोगों के साथ बुरा।<br />
कुछ ऐसे बुजुर्गों से भी मिला हूँ जो यह बताते हुए रोने लगते हैं कि अखिलेश राय के मौत के बाद उनक सहारा टूट गया। जब अखिलेश राय जीवित थे, तब उन्हें भोजन, बच्चों की शिक्षा या चिकित्सा सहायता की चिंता नहीं थी।</p>
<p>चाहे अच्छा हो या बुरा, यह हमेशा से ही बहस का विषय रहा है और रहेगा, लेकिन अखिलेश राय एक ऐसे व्यक्ति थे जिनका नाम समस्तीपुर के साथ हमेशा जुड़ा रहेगा। </p>
<p>मेरी निजी राय &#8211; अगर अखिलेश राय इतना कुख्यात व्यक्ति था तो फिर लाखों की संख्या में लोग उसके अंतिम संस्कार में क्यों शामिल हुए? </p>
<p>कर्पुरी ठाकुर की मृत्यु के बाद समस्तीपुर में किसी व्यक्ति के अंतिम संस्कार में इतनी भारी भीड़ कभी नहीं देखी गई। अखिलेश राय का अंतिम संस्कार इस बात का प्रमाण था कि वे एक कुख्यात व्यक्तित्व से कहीं बढ़कर थे।</p>
]]></content:encoded>
		
			</item>
	</channel>
</rss>
