मिथिलांचल की धरती सिर्फ अपनी उपजाऊ मिट्टी के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी उन परंपराओं के लिए...
बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों की गलियों में जब अश्विन मास के कृष्ण पक्ष...
बिहार के मिथिलांचल की हवाओं में जब धान की बालियों की सोंधी महक घुलने लगती है और...
2-3 दिसंबर 1984 की वो सर्द रात भोपाल के इतिहास में कभी खत्म न होने वाला अंधेरा...
वो जो गुलाल हवा में उड़ता हुआ दिखता है न? हकीकत में वह गुलाल नहीं, हजारों लोगों...
