कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और कला में सच्चाई हो, तो छोटे से गांव की गलियों से निकलकर दुनिया के मंच तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। आज के डिजिटल दौर में जहाँ ‘व्यूज’ पाने के लिए लोग अश्लीलता और विवादों का सहारा लेते हैं।
वहीं बिहार के समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय की एक बेटी ने अपनी सुरीली आवाज़ और संस्कारों से एक ऐसी मिसाल कायम की है। जो आज के युवाओं के लिए किसी सबक से कम नहीं है। हम बात कर रहे हैं मशहूर प्लेबैक सिंगर सोनम आर यादव की।
दलसिंहसराय की गलियों से करोड़ों दिलों तक
सोनम की कहानी सिर्फ एक सिंगर की कहानी नहीं है, बल्कि यह कहानी है एक ज़िद की। बिहार का नाम आते ही अक्सर लोगों के मन में भोजपुरी संगीत को लेकर एक अलग छवि बन जाती है, लेकिन सोनम ने उस छवि को पूरी तरह बदल दिया।
उनके फेसबुक पेज पर आज 1 करोड़ 10 लाख (11 Million) से भी ज़्यादा लोग जुड़े हैं, वहीं यूट्यूब पर भी करीब 5 लाख का परिवार उनके साथ खड़ा है। इतनी बड़ी फैन फॉलोइंग उन्होंने किसी तड़क-भड़क वाले गाने से नहीं, बल्कि भक्ति गीतों और साफ़-सुथरे पारिवारिक गीतों के दम पर हासिल की है।

जब घर के दरवाजे पर खड़ा हुआ ‘संकट’
सोनम की यह राह इतनी आसान नहीं थी। सफलता के साथ-साथ उनके हिस्से में संघर्ष और सामाजिक चुनौतियां भी आईं। एक समय ऐसा भी आया जब उनके अपने ही गांव के कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके घर के ठीक सामने, दरवाजे पर मंदिर का जगमंडप खड़ा कर दिया था। यह एक सोची-समझी कोशिश थी उनकी राह में रोड़ा अटकाने की, ताकि वो हतोत्साहित हो जाएं।
एक उभरते हुए कलाकार के लिए इस तरह की मानसिक प्रताड़ना बहुत भारी होती है। लेकिन कहते हैं न कि सच परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। उस कठिन समय में पत्रकारों और मीडिया जगत के साथियों ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई। पत्रकारों की इसी सकारात्मक पहल का नतीजा रहा कि मामला सुलझा और सोनम फिर से अपने सुरों को साधने में जुट पाईं।
अश्लीलता के खिलाफ एक खामोश क्रांति
आज के दौर में जब भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री पर अश्लीलता के आरोप लगते रहते हैं, तब सोनम आर यादव एक उम्मीद की किरण की तरह दिखती हैं। वह न तो अश्लील शब्द इस्तेमाल करती हैं और न ही उनके वीडियो में कुछ ऐसा होता है जिसे आप परिवार के साथ न देख सकें।
उनके भक्ति गीतों में एक अलग ही सुकून है, और जब वो स्टेज प्रोग्राम करती हैं, तो हज़ारों की भीड़ उन्हें सुनने के लिए उमड़ पड़ती है। उनका हर गाना उनकी जड़ों से जुड़ा होता है, जो बिहार की मिट्टी की खुशबू को पूरी दुनिया में फैला रहा है।
एक मिसाल: गांव का मान और बेटी का स्वाभिमान
सोनम की सफलता इस बात का प्रमाण है कि आपको अपनी पहचान बनाने के लिए अपनी मर्यादा को दांव पर लगाने की ज़रूरत नहीं है। आज वो न केवल दलसिंहसराय बल्कि पूरे बिहार और देश की बेटियों के लिए एक रोल मॉडल हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर आपके पास प्रतिभा है और आप अपनी संस्कृति का सम्मान करना जानते हैं, तो लोग आपको सर-आंखों पर बिठाएंगे।
सोनम आर यादव आज सिर्फ एक गायिका नहीं हैं, बल्कि वो उन सभी कलाकारों के लिए एक जवाब हैं जो कहते हैं कि ‘बिना अश्लीलता के भोजपुरी में स्कोप नहीं है।’ समस्तीपुर की इस बेटी ने दिखा दिया कि सादगी में भी वो ताकत है जो आपको करोड़ों लोगों का चहेता बना सकती है।
